मनीष सरवैया वरिष्ठ पत्रकार महासमुंद। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा विद्युत देयकों का भुगतान किए बिना बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज महासमुंद, कोमाखान, बागबाहरा, सांकरा, पटेवा,सरायपाली शहर के पालसी, यासीन कॉलोनी, इनायत पारा एवं भंवरपुर रोड क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान में विद्युत कंपनी की 23 टीमों ने भाग लिया।
अभियान के दौरान स्मार्ट मीटर के माध्यम से रिमोट से बिजली आपूर्ति विच्छेदित किए गए कनेक्शनों तथा नॉन-स्मार्ट मीटर वाले ऐसे कनेक्शनों की पुनः जांच की गई, जिनकी बिजली लाइन पहले ही खंभे से काटी जा चुकी थी। जांच के दौरान लगभग 195 कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया। इसमें 53 कनेक्शनधारियों द्वारा बिजली लाइन विच्छेदित होने के बाद भी विद्युत देयक का भुगतान किए बिना सीधे खंभे से हुकिंग अथवा मीटर को बायपास कर बिजली का उपयोग करते हुए पाया गया।
मौके पर जांच दलों द्वारा संबंधित मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 138 एवं 135 के तहत पंचनामा तैयार किया गया है। इन प्रकरणों को नियमानुसार पुलिस थाने एवं विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी सिद्ध होने पर पहली बार दोषसिद्धि की स्थिति में कम से कम 3 माह का कारावास तथा अधिकतम 3 वर्ष तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माने की राशि चोरी की गई बिजली के भार और मात्रा के आधार पर निर्धारित की जाती है तथा यह चोरी से संबंधित वित्तीय लाभ से कम नहीं हो सकती। दोबारा दोषसिद्धि होने पर कारावास और जुर्माने की अधिक कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं, धारा 138 के तहत मीटर से छेड़छाड़, मीटर को बायपास करना, अनधिकृत रूप से लाइन जोड़ना या विद्युत आपूर्ति में हस्तक्षेप करने पर अधिकतम 3 वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आकलित चोरी की राशि, बकाया विद्युत देयक, लागू अधिभार एवं अन्य वैधानिक शुल्क की वसूली भी नियमानुसार की जा सकती है। अंतिम सजा और मुआवजा अथवा देय राशि का निर्धारण सक्षम न्यायालय एवं अधिकृत प्राधिकारी द्वारा मामले के तथ्यों, चोरी की मात्रा और लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।
महासमुंद जिले में संचालित इस विशेष अभियान के तहत इससे पूर्व भी 263 प्रकरणों में पंचनामा तैयार कर विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई थी। आज की कार्रवाई में 53 नए प्रकरण सामने आने के बाद विद्युत देयकों का भुगतान किए बिना बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई और तेज हो गई है।
समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
विद्युत कंपनी द्वारा बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे बकाया विद्युत देयकों का भुगतान करें तथा पात्रता के अनुसार समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराएं। अभियान के दौरान कई बकायादार उपभोक्ता बकाया भुगतान एवं समाधान योजना के माध्यम से राहत प्राप्त करने के विकल्पों की जानकारी ले रहे हैं।
विद्युत कंपनी का यह विशेष जांच अभियान लगातार 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनका बिजली कनेक्शन बकाया भुगतान के कारण विच्छेदित किया गया है, वे अनधिकृत रूप से लाइन जोड़कर या मीटर को बायपास करके बिजली का उपयोग न करें। किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बकाया राशि के भुगतान एवं समाधान योजना की जानकारी प्राप्त करने हेतु संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क करें।
विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली का उपयोग नियमानुसार एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए। विच्छेदित कनेक्शन को बिना अनुमति पुनः जोड़ना या मीटर को बायपास करके बिजली का उपयोग करना दंडात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।









