रायपुर। दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते और छुट्टी को लेकर मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार को दो अलग-अलग पत्र भेजकर भाई दूज के अवसर पर 11 नवंबर को स्थानीय अवकाश घोषित करने और लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) एरियर सहित जारी करने की मांग की है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।
भाई दूज पर 11 नवंबर को स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर बुधवार, 11 नवंबर 2026 को भाई दूज के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया है।फेडरेशन का कहना है कि भाई दूज भाई-बहन के स्नेह और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है, जिसका छत्तीसगढ़ में सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है। ऐसे में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिन अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने शासन से मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संगठन ने यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले गोवर्धन पूजा के अवसर पर 9 नवंबर 2026 के ऐच्छिक अवकाश को सामान्य अवकाश में बदला जा चुका है। इसी आधार पर भाई दूज पर भी स्थानीय अवकाश देने का अनुरोध किया गया है।
कर्मचारियों को केंद्र के समान 5% DA एरियर सहित देने की मांग
महंगाई भत्ते के मुद्दे पर भी फेडरेशन ने राज्य सरकार को स्मरण पत्र भेजा है। संगठन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की मांग की है।
फेडरेशन के अनुसार, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह 63 प्रतिशत बताया गया है। इस तरह दोनों के बीच 5 प्रतिशत का अंतर है।
संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते का लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही लंबित अवधि की बकाया राशि का भुगतान भी संबंधित देय तिथि से किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को पूरा आर्थिक लाभ मिल सके।







