धमतरी। जिले में बीट बंटवारे और वन अधिकार पट्टे की विसंगतियों को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है, जिसके बाद ग्रामीणों ने 1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित अपना सामूहिक ‘जेल भरो आंदोलन’ 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।
दुगली थाना क्षेत्र के कौहाबाहरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 5 गांवों के ग्रामीण बीट बंटवारे की समस्या को लेकर लंबे समय से आक्रोशित थे। आंदोलन को रोकने के लिए एसडीएम मनोज मरकाम, एएसपी शैलेंद्र पांडेय, वन विभाग के दुगली रेंजर और थाना प्रभारी की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ एक विस्तृत बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच वन अधिकार पट्टे और बीट बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रभावित ग्रामों में सर्वे कराकर मामले के निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार वन विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक अमले की तरफ से रविवार से चरणबद्ध तरीके से पांच प्रभावित ग्रामों में सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा। इसमें उमरादेहान, कुसुमभर्री, छुहीभर्री, बोदलवाड़ी शामिल हैं। सर्वे के माध्यम से बीट बंटवारे और वन अधिकार पट्टे से संबंधित मामलों का परिक्षण किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान किया जा सके।
आंदोलन स्थगित
प्रशासनिक आश्वासन और सर्वे प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति के बाद पूर्व सरपंच शिवा नेताम सहित ग्रामीणों ने प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को स्थगित कर दिया है। साथ ही पांचों प्रभावित ग्रामों के प्रमुखों को शामिल करते हुए एक विशेष समिति गठित करने पर भी सहमति बनी है, जो सर्वे और आगे की प्रक्रिया में समन्वय स्थापित करेगी।







