उद्योग विभाग की योजनाओं, स्थानीय उत्पादों और स्टार्टअप प्रोत्साहन पहलों की दी गई जानकारी
धमतरी। जिला स्तरीय छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव-2026 के अवसर पर धमतरी में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा विकासपरक योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इसी कड़ी में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देने के लिए आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) तथा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के प्रावधानों, सुविधाओं और संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि राज्य शासन द्वारा युवाओं, महिला उद्यमियों, किसानों और छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को तकनीकी जानकारी, कौशल प्रशिक्षण, हैंडहोल्डिंग सहायता, तकनीकी उन्नयन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन में सहयोग देने की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में मिलेट्स आधारित उत्पादों, पारंपरिक खाद्य पदार्थों, लकड़ी से निर्मित उत्पादों तथा बिलौना पद्धति से तैयार ए-2 देशी घी जैसे उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। रामकृष्णा प्रोसेसिंग यूनिट सहित स्थानीय उद्यमों के उत्पादों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की संभावनाओं को दर्शाया गया।
इसी तरह छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए पंजीकृत स्टार्टअप विकसित करने के लक्ष्य की जानकारी दी गई। इसमें पात्र स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड, छत्तीसगढ़ इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक अनुदान, ब्याज अनुदान, क्रेडिट गारंटी, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन तथा विपणन संबंधी सहायता जैसे प्रावधानों को रेखांकित किया गया।
प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग, दिव्यांगजनों, नक्सल प्रभावित परिवारों और सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए विशेष प्रोत्साहन की जानकारी भी दी गई। साथ ही युवाओं को नवाचार, हैकथॉन, कॉलेज इनोवेशन सेल और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से अपने व्यावसायिक विचारों को उद्यम का स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं और संभावित उद्यमियों को शासन की योजनाओं से परिचित कराना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना रहा।







