रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर लाए जाने की तैयारी है।
CBI के मुताबिक, महादेव सट्टा नेटवर्क की जांच शुरू होने के बाद से ही सौरभ चंद्राकर फरार था। वह 2023 से दुबई में रह रहा था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। करीब 116 दिन के बाद सीबीआई को सफलता मिली। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और UAE से ओमान पहुंच गया।
खुफिया जानकारी और रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद CBI और ED ने भारत सरकार के जरिए ओमान को प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा और सबूत सौंपे। भारत सरकार की एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। इसके बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और 1 नवंबर को उसे भारत लेकर आई।







