महतारी वंदन योजना से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, दीपावली पर मिट्टी के दीयों और गुल्लकों से संवार रहीं स्वदेशी परंपरा

गौरेला पेंड्रा मरवाही। दीपावली का पर्व रोशनी, खुशियों और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आता है। इस दीपावली पेंड्रा विकासखंड के नवागांव निवासी महतारी वंदन योजना की हितग्राही  संतोषी प्रजापति अपने हुनर और मेहनत से न केवल अपने परिवार की खुशहाली में योगदान दे रही हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी साकार कर रही हैं। महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त की राशि प्राप्त होने के बाद  संतोषी प्रजापति इस राशि का उपयोग मिट्टी के दीये और गुल्लक बनाने के कार्य में कर रही हैं। दीपावली के अवसर पर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे मिट्टी के दीये घर-आंगन को रोशन करने के साथ ही हमारी पारंपरिक कला और स्वदेशी संस्कृति को भी जीवंत बनाए रखने का संदेश दे रहे हैं। वहीं मिट्टी की गुल्लक के माध्यम से वे बचत की अच्छी आदत को भी प्रोत्साहित कर रही हैं।

संतोषी केवल मिट्टी के दीये और गुल्लक बनाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बकरी पालन का कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से वे अपनी आजीविका को मजबूत बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए अपने हुनर को आगे बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसरों को साकार करने में सहायक बन रही है। उनकी यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, पारंपरिक कारीगरी को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संदेश देती है। श्रीमती संतोषी प्रजापति ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस दीपावली आइए, स्थानीय कारीगरों के हाथों से बने मिट्टी के दीये जलाएं और ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाकर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करें।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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