धमतरी। जिले के रिसगांव इलाके से सामने आई एक तस्वीर ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून की पहली बारिश ने ही ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। पहाड़ी नाले में आए उफान के बीच ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह ग्रामीण तेज बहाव वाले नाले को पार कर रहे हैं। कोई अपनी मोटरसाइकिल उठाकर पानी के बीच से निकल रहा है तो कोई लकड़ी और बांस के सहारे अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहा है। वहीं एक मां अपने दुधमुंहे बच्चे को सीने से लगाए उफनते नाले को पार करती नजर आई। बहते पानी के बीच मां की मजबूरी और डर साफ दिखाई दे रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार की समस्या नहीं है। बारिश शुरू होते ही यह इलाका मुख्य मार्ग से कट जाता है। पुल नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। अब हालात बदलने के बावजूद सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाएं अब भी लोगों की पहुंच से दूर हैं।









