कुरूद। सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मनाए जा रहे सहकारी सप्ताह के तहत ग्राम गाड़ाडीह स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में मंगलवार को सहकारिता ध्वजारोहण कर कृषि ड्रोन सेवा का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि सहकारी बैंक अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने कृषि ड्रोन सेवा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए खेती को अधिक सरल, किफायती एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।मुख्य अतिथि निरंजन सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता केवल किसानों को ऋण उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी अभियान है। उन्होंने कहा कि कृषि में ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खेती वैज्ञानिक, समयबद्ध और लागत प्रभावी बनेगी। इससे उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से सहकारी समितियों की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं। कृषि ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों से खेती अधिक वैज्ञानिक, समय की बचत करने वाली और लागत प्रभावी बनेगी। इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी, खेती का खर्च कम होगा तथा उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों से सहकारी समितियों की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।इस दौरान किसानों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित लघु एवं दीर्घकालीन ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने और आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम में सहकार सदस्यता अभियान भी चलाया गया तथा उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों को सहकारिता की शपथ दिलाई गई। सभी ने आत्मनिर्भर किसान, समृद्ध गांव और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में प्राधिकृत अधिकारी चैन सिंह साहू, जनपद सदस्य महेश ध्रुव, सरपंच पन्ना साहू, टिकेश साहू, दीनबंधु चंद्राकर, अर्चना कश्यप, मोहित साहू, प्रेमचंद साहू, कृष्णकांत साहू, चैन सिंह सेन, नोडल अधिकारी बलराम पुरी गोस्वामी, कुरूद शाखा प्रबंधक टिकेंद्र बैस, समिति प्रबंधक रमेश देवांगन, तेजेंद्र चंद्राकर, प्रदीप निषाद सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।









