44.60 लाख की सिंदूर वाटिका निर्माण पर उठे सवाल, पहली बारिश में ही टूटने लगी सुरक्षा फेंसिंग एवं साइड का पिचिंग

कुरूद। महानदी के किनारे ग्राम पंचायत मेघा में मेघा पुल के पास वन विभाग द्वारा 44 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बना रहे सिंदूर वाटिका (गार्डन) का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस कार्य में फेंसिंग, आपने गार्डन के बाहर नदी किनारे पिचिंग कार्य , नागरिकों के टहलने के लिए पाथवे, गार्डन के अंदर बाथरूम, बोर व्यवस्था ,बैठने के लिए छोटा सा कमरा मुख्य द्वार, पेवर ब्लॉक और वृक्षारोपण जैसे कई काम शामिल हैं।
लेकिन निर्माण कार्य शुरू होते ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। जिस स्थान पर गार्डन बनाया जा रहा है वह महानदी का तटीय क्षेत्र है। यहां गार्डन के किनारों पर अथाह खुदाई की गई है। ऐसे में बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी तट का कटाव होने की आशंका जताई जा रही है।
जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद आरोप लगाया कि गार्डन की सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे फेंसिंग पोल तार का गोडा अभी से कई जगहों पर गिरने लगे हैं। वहीं नदी किनारे कराई जा रही गार्डन के बाहरी पिचिंग और सुरक्षा बैटिंग भी भरभराकर टूट रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखा गया है । भविष्य में पूरा गार्डन खतरे में पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि शासन की लाखों रुपये की राशि से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी उद्यान में मजबूत और टिकाऊ निर्माण होना चाहिए, ताकि लोगों को वर्षों तक इसका लाभ मिल सके।

इधर वन विभाग मोहंदी के रेंजर पंचराम साहू ने संवाददाता इस सम्बन्ध बताया कि सिंदूर वाटिका का निर्माण स्वीकृत मापदंडों के अनुसार कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कहीं कोई कमी या नुकसान दिखाई देता है तो उसकी जांच कर आवश्यक सुधार कराया जाएगा।

जानसिंग यादव पूर्व जनपद सदस्य उपाध्यक्ष का कहना है कि महानदी किनारे बन रही सिंदूर वाटिका क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है, लेकिन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। ताकि बारिश के दिनों में किसी प्रकार का नुकसान न हो।
नीलम चंद्राकर जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि
44.60 लाख रुपये की लागत से बन रहे गार्डन में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। फेंसिंग के गोडे और नदी किनारे की पिचिंग अभी से टूट रही है । जिसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
रेंजर पंचराम साहू मोहंदी का कहना है कि सिंदूर वाटिका का निर्माण विभागीय मानकों के अनुसार कराया जा रहा है। जहां भी कमी मिलेगी उसे तत्काल सुधारने की कार्रवाई की जाएगी।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

Leave a Comment