सात तहसीलों के चयनित ग्रामों में शिविर और डोर-टू-डोर अभियान, 80,110 बकेटिंग शेष प्रकरणों को पूर्ण करने पर जोर
धमतरी। कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में एग्रीस्टेक के अंतर्गत लंबित फार्मर रजिस्ट्री को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जिले की सात तहसीलों—धमतरी, कुरूद, भखारा, मगरलोड, नगरी, कुकरेल और बेलरगांव—के चयनित ग्रामों में 10 से 14 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मैदानी अमले द्वारा आवश्यकता के अनुसार डोर-टू-डोर पहुंचकर खातेदार एवं सहखातेदारों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराई जा रही है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को आपसी समन्वय से अभियान को गति देने तथा शेष बकेटिंग प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
अभियान के तहत संबंधित समिति प्रबंधक, पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, रोजगार सहायक, पंचायत सचिव, ऑपरेटर एवं संबंधित सीएससी ऑपरेटर की टीम किसानों को पंजीयन में आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। सभी पटवारियों को प्रतिदिन कोटवारों के माध्यम से शिविरों की मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र खातेदार अथवा सहखातेदार इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे।
तहसीलवार 80,110 बकेटिंग शेष
एग्रीस्टेक फार्मर रजिस्ट्री के तहत जिले में वर्तमान में कुल 80,110 बकेटिंग प्रकरण शेष हैं। इनमें धमतरी तहसील में 29,836, कुरूद में 12,428, नगरी में 11,737, मगरलोड में 7,817, बेलरगांव में 9,215, भखारा में 6,398 तथा कुकरेल में 2,779 बकेटिंग शेष हैं। अभियान में इन सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री एग्रीस्टेक की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके माध्यम से किसानों की भूमि एवं कृषि संबंधी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में सुविधा होगी तथा कृषि योजनाओं और सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। पंजीयन पूर्ण होने से पात्र किसानों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित शिविर में उपस्थित होकर लंबित फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं। साथ ही, मैदानी अमले द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क के दौरान किसानों द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।







