महासमुंद में हुआ दिव्य मंगल प्रवेश, जैन समाज ने श्रद्धा व उत्साह से किया अगुवानी 

मनीष सरवैया @ महासमुंद। महासमुंद छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी में आज आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर नजर आई, जब खरतरगच्छाचार्य संयम सारथी, धर्मनायक शिरोमणि, खरतरगच्छ श्रृंगार परम पूज्य श्री जिन पीयूषसागर सूरिश्वर जी महाराज सा. एवं नूतन खरतरगच्छाचार्य परम पूज्य श्री जिन सम्यकरत्न सागर सूरिश्वर जी महाराज सा. आदि ठाणा 9 का नगर में भव्य एवं मंगलमय प्रवेश हुआ।
गुरु भगवंतों के आगमन को लेकर सकल श्री जैन संघ में विशेष उत्साह देखने को मिला।

नगर के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालुओं ने मंगल वंदन, जयकारों एवं धार्मिक गीतों के साथ आचार्य भगवंतों का भावभीना स्वागत किया। वातावरण “जय गुरु देव” के उद्घोष से गूंज उठा। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।

गुरुदेवों के जिनमंदिर प्रवेश से पूर्व श्री जैन संघ द्वारा विधिवत वंदन एवं अभिनंदन कर उन्हें हर्षोल्लास के साथ मंदिर में प्रवेश कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और सभी ने गुरु भगवंतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महासमुंद में हुए इस मंगल प्रवेश को जैन समाज ने ऐतिहासिक एवं सौभाग्यशाली क्षण बताया।

इस कार्यक्रम में महासमुंद के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से भी श्रद्धालु गण पहुंचे थे राजिम ,धमतरी, राजनंदगांव रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य शहरों से भी गामान्य नागरिक इनके स्वागत के लिए पहुंचे थे । श्रद्धालुओं का मानना है कि पूज्य गुरुदेवों के सान्निध्य से नगर में धर्म, संयम और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा। आयोजन पूरे समय श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति के भाव से परिपूर्ण रहा। परम पूज्य शाश्वत सागर जी महाराज जो मूलतः महासमुंद शहर के ही रहने वाले हैं उन्होंने आज से 4 साल 3 माह पहले महासमुंद में दीक्षा ली थी । उनके प्रथम नगर आगमन पर आज जैन समाज के सभी लोगों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिला उनके परिवारजन व समाज व रिश्तेदार ने उनके स्वागत सत्कार में गीत व भजन गए ।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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