धमतरी@ विश्वनाथ गुप्ता। धमतरी में तेल का संकट तो महज 3 दिन पहले शुरू हुआ.. लेकिन मदिरा संकट को 3 सप्ताह हो चुके है… ज्यादातर शराब दुकान ड्राई यानी सूखे है… इस सूखे ने मंदिर प्रेमियों को बहुत दुखी किया है… दूसरी तरफ बार, ढाबों में शराब की कमी नही है… और तो और शराब दुकान के बाहर कई अवैध खोमचे में भी माल मिल जा रहा है, कुछ खांटी कोचिये तो पता नही कहा से माल जुगाड़ कर के ला रहे है, बोरो में भर कर घूम घूम कर बेच भी रहे है… इनसे ब्रांड माँगो या देसी ऊंचे दाम पर फौरन उपलब्ध है।
प्रश्न ये है कि अगर सरकारी दुकांन में माल नही है तो.. अवैध वालो को कहा से तस्करी हो रही है..?
क्या खुलेआम बिकने के बाद इन्हें पकड़ा नही जा सकता.. ?
एक दफ्तर कलेक्टोरेट में एक नियंत्रण कक्ष शहर में है तो नियंत्रण कक्ष वालो को नियंत्रण करना नही आ रहा है..?? या नियंत्रण करने वालो को कोई और नियंत्रित कर रहा है..??
फिर मिलेंगे प्रश्नों के उत्तर के साथ







