Dhamtari: साइकिल के पहियों पर सपनों की उड़ान, रुद्री से गंगरेल तक गूंजा बेटियों के हौसले का संदेश

समीरा खान ने कहा—अपने सपनों के लिए साहस के साथ आगे बढ़ें, गलत लगे तो आवाज उठाने से न हिचकें

गंगरेल में बालिकाओं ने साझा किए अपने सपने और सवाल

धमतरी। आज शाम की खुली हवा में साइकिल के पहियों के साथ जब बेटियां रुद्री से गंगरेल की ओर आगे बढ़ीं, तो उनके साथ आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का संदेश भी आगे बढ़ता गया। सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित बालिका सशक्तिकरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम में आयोजित बालिका साइकिल रैली और संवाद कार्यक्रम ने बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, उन्हें लक्ष्य में बदलने और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

रुद्री से आयोजित साइकिल रैली को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री पीयूष तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक रैली में भाग लिया। साइकिलों पर सवार बालिकाओं के चेहरों पर उत्साह और आंखों में भविष्य के सपनों की चमक साफ दिखाई दे रही थी। रुद्री से गंगरेल तक साइकिल चलाते हुए बालिकाओं ने स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास, समान अवसर और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

सपनों को पहचानें और उन्हें पूरा करने का साहस रखें : समीरा खान

रैली के उपरांत गंगरेल स्थित बार्डिया (bardiya)लेक व्यू में बालिका संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं एकल साइकिल यात्री सुश्री समीरा खान ने छात्राओं से संवाद करते हुए अपने जीवन, यात्राओं और चुनौतियों के अनुभव साझा किए।

उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति अपने भीतर के आत्मविश्वास को पहचाने और अपने सपनों के लिए निरंतर प्रयास करता रहे। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जो अच्छा लगे, उसे करने का साहस रखें और यदि कोई बात या व्यवहार गलत लगे तो उसके विरुद्ध आवाज उठाने से पीछे न हटें।

समीरा खान ने कहा कि सामाजिक और पारंपरिक मान्यताओं के नाम पर यदि किसी लड़की की इच्छा के विरुद्ध कोई निर्णय थोपा जा रहा हो, तो उसे अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने का साहस होना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल, साहसिक गतिविधियों और नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों के सपनों की कोई सीमा नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और स्वयं पर विश्वास करने की है।

बेटियां अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ें : सीईओ जयंत नाहटा

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जयंत नाहटा ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बेटियां अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानें तथा अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ें। जिला प्रशासन बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेल, तकनीक, कौशल विकास, स्वरोजगार और अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं तथा अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास करें।

दिव्यांग खिलाड़ी चंचल सोनी ने सुनाई संघर्ष से सफलता तक की कहानी

बालिका संवाद कार्यक्रम में धमतरी की बेटी एवं दिव्यांग खिलाड़ी चंचल सोनी ने भी अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण उनका सपना था, जिसे उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से पूरा किया। वे तीरंदाजी में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।

चंचल सोनी ने बताया कि परिवार और प्रशासनिक अधिकारियों से मिले प्रोत्साहन ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को यह संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, दृढ़ संकल्प, मेहनत और निरंतर प्रयास से लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा जा सकता है।

सवालों में दिखे सपने, संवाद में मिला आत्मविश्वास

बालिका संवाद कार्यक्रम में छात्राओं ने पर्वतारोहण, खेल, शिक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता, करियर और व्यक्तिगत निर्णयों से जुड़े सवाल खुलकर पूछे। समीरा खान ने छात्राओं के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने, चुनौतियों का सामना करने और असफलताओं से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यह रहा कि छात्राएं केवल श्रोता बनकर नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं, विचारों और सपनों को बेझिझक साझा किया। संवाद के माध्यम से उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक रूप से सक्षम होने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने निर्णय स्वयं लेने, अपनी बात रखने और अपने भविष्य की दिशा तय करने का आत्मविश्वास भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

रुद्री से गंगरेल तक बेटियों ने दिया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश

बालिका साइकिल रैली और संवाद कार्यक्रम ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों को जीवंत रूप में सामने रखा। रुद्री से गंगरेल तक साइकिल के पहियों ने जहां स्वस्थ जीवनशैली और सक्रियता का संदेश दिया, वहीं गंगरेल में हुए संवाद ने बालिकाओं को अपने सपनों के प्रति सजग और उन्हें हासिल करने के लिए दृढ़ रहने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—बेटियों को अवसर मिले, वे अपने सपनों को पहचानें, अपनी बात कहें और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय करें।
गंगरेल की वादियों में बेटियों की यह साइकिल यात्रा केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि उनके सपनों, संकल्प और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ता एक सार्थक कदम बनकर सामने आई।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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