बाल अधिकार, साइबर अपराध, बाल विवाह, बाल श्रम एवं लैंगिक अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सेवाओं से विद्यार्थियों को कराया गया अवगत
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं संरक्षण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर अविनाश मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा तथा प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री महेश मरकाम के निर्देश और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री आनंद पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक नीलम साहू ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों एवं बच्चों से संबंधित विभिन्न कानूनों और सुरक्षा उपायों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बाल अपराध, साइबर अपराध, बाल शोषण, लैंगिक शोषण, बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी तथा गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की हिंसा या शोषण के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग के संबंध में सावधानियां बताते हुए कहा कि अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने तथा निजी फोटो अथवा दस्तावेज साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा परेशानी की स्थिति में तत्काल विश्वसनीय व्यक्ति या संबंधित विभाग को सूचना देने की समझाइश दी गई।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की भूमिका और सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह बच्चों के लिए 24 घंटे, सातों दिन संचालित निःशुल्क आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा है। संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक सहायता, संरक्षण एवं संबंधित सेवाओं से जोड़ने में चाइल्ड हेल्पलाइन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी बच्चे के साथ शोषण, हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम अथवा बाल अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर चुप न रहें और अभिभावक, पुलिस, आपातकालीन सेवा 112 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
इस दौरान लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। साथ ही नशे के दुष्प्रभाव, बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण के लिए विभाग द्वारा संचालित बाल देखरेख संस्थाओं तथा उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर गिरधारी साहू, जिला महिला संरक्षण अधिकारी अनामिका शर्मा, मिशन शक्ति जिला मिशन समन्वयक प्रियंका गंजीर, महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित वातावरण, डिजिटल सुरक्षा और किसी भी प्रकार के शोषण अथवा हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सक्षम बनाना रहा।










