कुरूद। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा फर्स्ट नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ एवं स्टार्टअप विकास कार्यक्रम के तहत शासकीय कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास एवं एग्री-बिजनेस के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 120 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मार्गदर्शक डॉ. नवनीत राणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नवीन विचारों, तकनीकी कौशल, उद्यमिता एवं स्वरोजगार के अवसरों से भी जुड़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, धमतरी से दुर्गेश गंजिर, उमेश महिलांगे एवं प्रशांत चंद्राकर ने विद्यार्थियों से संवाद किया। दुर्गेश गंजिर ने कृषि आधारित व्यवसाय, एग्री-बिजनेस एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों तथा नए विचारों को व्यवसायिक रूप देने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उमेश महिलांगे ने युवा धमतरी पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, रोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। प्रशांत चंद्राकर ने नवाचार एवं स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय संसाधनों और कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं पर आधारित व्यवसायिक विचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को 10-10 के समूहों में विभाजित कर समस्या पहचान, आइडिया डेवलपमेंट एवं इनोवेशन पर आधारित हैंड्स-ऑन एक्सरसाइज कराया गया। विद्यार्थियों ने कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं पर समूह चर्चा करते हुए उनके नवीन एवं व्यावहारिक समाधान तलाशे तथा विभिन्न स्टार्टअप आइडिया साझा किए। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता एवं समस्या समाधान कौशल को विकसित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों, मूल्य संवर्धन, एग्री-स्टार्टअप, कृषि आधारित उद्यमों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने तथा उन्हें भविष्य के उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर नवाचार आधारित समाधान विकसित करने और उन समाधानों को उद्यमिता के अवसरों में बदलने की दिशा में प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने नवाचारी विचार साझा किए।









