नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने की व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है। सोमवार को जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने तीनों पक्षों से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
क्या है मामला?: 16 सितंबर को जारी अधिसूचना के तहत 2,000 रुपये से ऊपर के UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का प्रावधान किया गया है। अंजन दत्ता नाम के याचिकाकर्ता ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह व्यवस्था बिना पर्याप्त चर्चा और कानूनी प्रक्रिया के लाई गई है। इससे छोटे व्यापारियों पर बोझ बढ़ेगा और लोग दोबारा नकद भुगतान की ओर रुख कर सकते हैं।