“मछली विक्रय दर 120 से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति किलो करने पर जिला पंचायत सामान्य सभा की सहमति”
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले के मछुआरों, पट्टाधारक मत्स्य पालकों, मछुआ समूहों एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत धमतरी की विशेष सामान्य सभा में मछली विक्रय दर में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा की अध्यक्षता में 01 अक्टूबर को आयोजित विशेष सामान्य सभा की बैठक में वर्तमान मछली विक्रय दर 120 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
यह निर्णय जिले में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को उनकी मेहनत और उत्पादन का अधिक उचित मूल्य उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई विक्रय दर से मछुआरों एवं मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि की संभावना है, वहीं जिले में मत्स्य पालन को एक स्थायी एवं अधिक लाभकारी आजीविका गतिविधि के रूप में प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
चार-पांच वर्षों से दर में नहीं हुआ था परिवर्तन
उल्लेखनीय है कि जिले में पट्टाधारक मत्स्य पालकों, मछुआ समूहों एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों द्वारा पिछले कई वर्षों से मछली विक्रय दर में वृद्धि की मांग की जा रही थी। वर्तमान विक्रय दर पिछले लगभग चार-पांच वर्षों से अपरिवर्तित थी। इस अवधि में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को उत्पादन लागत, श्रम, परिवहन तथा अन्य व्ययों में वृद्धि के बावजूद पूर्व निर्धारित दर पर मछली विक्रय करना पड़ रहा था।
मछुआरों एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों द्वारा इस संबंध में जिला प्रशासन एवं मत्स्य पालन विभाग के समक्ष लगातार दर में वृद्धि की मांग रखी जा रही थी। उनकी मांगों और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत स्तर पर इस विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
कृषि स्थायी समिति में हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा की पहल पर मछली विक्रय दर में संशोधन के प्रस्ताव को प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया। इसके तहत 28 सितंबर 2026 को कृषि स्थायी समिति की विशेष बैठक सभापति टीकाराम कंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य पालकों एवं मछुआ समूहों की मांग, वर्तमान विक्रय दर तथा मत्स्य पालन से जुड़े आर्थिक पक्षों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इसके बाद 01 अक्टूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष श अरुण सार्वा की अध्यक्षता में विशेष सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव पर सदस्यों द्वारा विचार-विमर्श के पश्चात मछली विक्रय दर 120 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति किलोग्राम करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
मत्स्य पालन को मिलेगा आर्थिक गतिविधियों के रूप में बढ़ावा
जिला पंचायत का यह निर्णय जिले में मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों और समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उचित विक्रय दर मिलने से मत्स्य पालकों को उत्पादन के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा और मत्स्य पालन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही मत्स्य पालन सहकारी समितियों और मछुआ समूहों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निर्णय का उद्देश्य मछुआरों एवं मत्स्य पालकों के हितों का संरक्षण करते हुए उन्हें उनकी उपज का उचित एवं सम्मानजनक मूल्य उपलब्ध कराना है। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मछली की बिक्री व्यवस्था को व्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
विशेष सामान्य सभा की बैठक में उपाध्यक्ष गौकरण साहू, अजय ध्रुव, पूजा सिन्हा, कुलेश्वरी गायकवाड़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा, उप संचालक पंचायत पद्मिनी वर्मा, सहायक संचालक मछली पालन एम.एस. कमल तथा सहायक मत्स्य अधिकारी सुमन चंद्राकर सहित संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मछली विक्रय दर में वृद्धि का यह निर्णय जिले के मछुआरों एवं मत्स्य पालन से जुड़े समूहों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे मत्स्य पालन क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने, मछुआ समुदाय की आय के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।









