धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में जिले में पुलिस विवेचना को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस बल के अधिकारियों एवं विवेचकों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का संचालन वैज्ञानिक अधिकारी श्री वसीम अकरम द्वारा किया गया।
कार्यशाला में जिले के थाना/चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी शामिल हुए। वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा Crime Scene Investigation के दौरान अपराध स्थल को तत्काल सुरक्षित करने, महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों के संरक्षण एवं वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में विशेष रूप से बताया गया कि यदि किसी कारणवश वैज्ञानिक अधिकारी तत्काल अपराध स्थल पर उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो पुलिस अधिकारियों द्वारा साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए किन आवश्यक सावधानियों का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही अपराध स्थल पर आवश्यक सामग्री एवं उपकरणों के उपयोग और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
▪️ कार्यशाला में साक्ष्य संग्रह, संदिग्धों की वैज्ञानिक पहचान तथा अपराध के कारण एवं तरीके के निर्धारण पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ डीएनए, रक्त, डायटम, आग्नेयास्त्र सहित विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षणों की विवेचना में उपयोगिता समझाई गई।
▪️ धमतरी जिले के पूर्व के कुछ प्रकरणों का उदाहरण देते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से अपराध की वास्तविकता तक पहुंचने एवं आरोपियों के विरुद्ध ठोस साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया समझाई गई।
पुलिस अधीक्षक धमतरी, भावना पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए साक्ष्य-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना की जाए, जिससे अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्यवाही के साथ प्रकरणों में अधिक से अधिक दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, वैज्ञानिक अधिकारी वसीम अकरम सहित जिले के थाना/चौकी प्रभारी एवं बड़ी संख्या में विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।









