राइस मिल सुरक्षा बैठक में कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन पर विशेष जोर

कुरूद। राइस मिल परिसर में हुई चाकूबाजी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में घायल युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद राइस मिलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और मिल संचालक  एक मंच पर आए। आयोजित राइस मिल सुरक्षा बैठक में रात की पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी तथा कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया।

राइस मिलर्स एसोसिएशन कुरूद की पहल पर थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर के साथ मिल संचालकों की यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के साथ राइस मिल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

बैठक में रात्रिकालीन पुलिस पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी, कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन और बाहरी कर्मचारियों का रिकॉर्ड रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया गया।

राइस मिल परिसरों में रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत महसूस की गई। कुरूद पुलिस पेट्रोलिंग को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए रात में निगरानी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इसका उद्देश्य संवेदनशील समय में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते हासिल करना है।

CCTV बनेगा सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी

बैठक में राइस मिल CCTV निगरानी को भी महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय माना गया। प्रवेश और निकास द्वार के साथ संवेदनशील स्थानों पर कैमरों की निगरानी प्रभावी रखने पर जोर दिया गया।

CCTV का उद्देश्य केवल घटना के बाद फुटेज खंगालना नहीं, बल्कि परिसर में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखना भी है।

राइस मिल कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन बैठक का एक अहम मुद्दा रहा। खासकर बाहर से आने वाले कर्मचारियों की पहचान और आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जरूरत बताई गई।

थाना प्रभारी कमलेश ठाकुर ने कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन के लिए “समाधान” मोबाइल ऐप का उपयोग करने तथा बाहरी कर्मचारियों की जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने की सलाह दी।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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