धमतरी में दशानंद के अहंकार का अन्त ,श्रीराम के हाथो रावण दहन 

धमतरी। शहर में दशहरा पर्व पर रावण दहन को लेकर तैयारियां जितनी बड़ कर की गई उतनी धूम धाम से मनाया भी गया निर्धारित समय पर रावण दहन किया गया। आतिश बाजी ने लोगो का मन मोह लिया ।
इस बार रावण के विशाल पुतले को लेकर आयोजन की चर्चा है। महापौर रामू रोहरा ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन, अधिकारियों और पार्षदों ने मिलकर इसकी तैयारी की है। उन्होंने अगले साल 100 फीट ऊंचा रावण बनाने की बात भी कही। महापौर रामू रोहरा ने कहा कि रावण अहंकार और बुराई का प्रतीक है। उसका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार और बुराइयों को समाप्त करने का संदेश भी है। उन्होंने कहा कि रावण की ऊंचाई देखी जा सकती है और कुछ ही समय में वह जलकर राख हो जाएगा। इसके बाद हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि अपने भीतर की बुराइयों और अहंकार को कैसे खत्म करना है। महापौर ने आयोजन की तैयारियों के लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने पार्षदों का आभार जताते हुए कहा कि सभी ने सामूहिक रूप से मेहनत कर कार्यक्रम को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। भगवान राम के रावण वध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी दौरान महापौर ने कहा, ये समझिए कि हम सिस्टम में आने की कोशिश कर रहे हैं। महापौर ने अगले साल रावण की ऊंचाई 100 फीट करने की बात कही है। इससे आगामी दशहरा आयोजन को और भव्य बनाने की मंशा सामने आती है।

आयोजन की तैयारियों के बीच शहर में अंधेरे की चर्चा
दशहरा उत्सव और रावण दहन की तैयारियों के बीच शहर के अधिकांश क्षेत्रों में अंधेरा पसरा होने को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा है। एक ओर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर शहर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की अपेक्षा है कि उत्सव के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों में रोशनी और नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

Leave a Comment