छत्तीसगढ़ शासन के विद्युत विभाग ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए सौंपी थी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मनीष सरवैया वरिष्ठ पत्रकार महासमुंद। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाले मिलिंद चंद्राकर ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित *वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ एग्रीवोल्टाइक (World Conference of Agrivoltaics)* में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। छत्तीसगढ़ शासन के विद्युत विभाग द्वारा उन्हें इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इस सम्मेलन में जर्मनी, बेल्जियम, इजरायल, जापान सहित विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में कृषि और सौर ऊर्जा के समन्वय, आधुनिक एग्रीवोल्टाइक तकनीक तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
मिलिंद चंद्राकर को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उनके योगदान एवं अनुभव को देखते हुए यह महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया। एग्रीवोल्टाइक एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसके माध्यम से कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ सौर ऊर्जा का उत्पादन भी किया जा सकता है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग करने, किसानों के लिए अतिरिक्त आय की संभावनाएं विकसित करने तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस सहभागिता से विश्व के विभिन्न देशों में अपनाई जा रही आधुनिक सौर ऊर्जा तकनीकों और कृषि-ऊर्जा समन्वय से जुड़े नवाचारों को समझने तथा छत्तीसगढ़ में उनके संभावित उपयोग की दिशा में नए अवसर प्राप्त हुए।
मिलिंद चंद्राकर की इस सहभागिता को छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार, आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन देने तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










