नगरी अंचल में दोपहर बाद तेज आंधी-तूफान और बारिश से मौसम हुआ सुहाना, किसानों की बढ़ी चिंता

कई जगहों पर पेड़ गिरे, बिजली तार टूटे, घंटों बाधित रही बिजली आपूर्ति

प्रदीप साहू @ नगरी । नगरी विकास खंड पिछले लगभग एक सप्ताह से मौसम आए दिन बदले दिखाई दे रहा है दिन शनिवार को नगरी अंचल सहित आसपास के कई गांवों में दोपहर 1 बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल रहा है। तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और जोरदार बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। लगातार हो रही बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।

दोपहर के समय अचानक आसमान में काले बादल छा जाते हैं, तेज हवाएं चलने लगती हैं और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती है। शनिवार को दोपहर 2 बजे के बाद अचानक आए आंधी तूफान एवं बारिश से सोडूर रोड सांकरा में स्थित चॉइस सेंटर एवं कपड़े दुकान के सामने लगा हुआ टीना सेट पूरी तरह हवा की चपेट में आकर टूट कर गिर गया , इसी रोड पर करंज पेड़ का विशाल टहनी, और इंडियन ओवरसीज बैंक के सामने गुलमोहर पेड़ की टहनी रोड पर जा गीरा जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा सांकरा में वन विभाग के एक कर्मचारी के सरकारी घर पर आंधी तूफान की बड़ी आपदा आ पड़ी जिससे उनके घर के सामने रखी कर के ऊपर कुसुम का पुराना पेड़ गिर पड़ा जिससे उनको आहट पहुंची है , वही साकरा से घटुला जाने वाले रोड पर बिजली की पोल टूट गई और पेड़ के गिरने से कई बिजली की तारे टूट गई बता दें कि रिसगांव ग्राम में तूफान और बारिश के चलते एक पेड़ घर पर गिर गया लेकिन राहत की खबर यह है किसी की जनहानि नहीं हुई, कई स्थानों पर तेज आंधी के कारण पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। कुछ जगहों पर बड़े पेड़ गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज हवा और बारिश के चलते कई गांवों में बिजली के तार भी टूट गए, जिसके कारण घंटों तक विद्युत आपूर्ति बंद रही। गांवों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी लगातार फॉल्ट सुधारने और आपूर्ति बहाल करने के लिए कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा।

भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों ने गर्मी से कुछ हद तक राहत महसूस की है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने ठंडी हवाओं और बदले मौसम का आनंद भी लिया।
हालांकि, दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है। इस समय रवि फसल की कटाई और भंडारण का कार्य कई स्थानों पर जारी है। तेज बारिश और आंधी के कारण खेतों में तैयार फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से धान की कटाई के बाद खुले में रखी धान, मक्का तथा अन्य उपज के भीगने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

किसान धनराज साहू एवं उदय राम साहू , दिलीप साहू सहित कई किसानों का कहना है कि मौसम के इस अचानक बदले रुख ने उनकी मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। कई किसानों ने बताया कि यदि इसी प्रकार लगातार बारिश होती रही तो फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी और बाजार में उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सहायता, उचित मार्गदर्शन तथा बिजली व्यवस्था को शीघ्र सुचारु बनाए रखने की मांग की है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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