आयुर्वेद स्वस्थ जीवन की आधारशिला, बदलती जीवनशैली में इसकी उपयोगिता और बढ़ी : महापौर रामू रोहरा

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित, निःशुल्क परामर्श एवं औषधि वितरण के साथ ‘परंपरा से प्रगति की ओर’ प्रदर्शनी

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान 2026 एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, धमतरी में जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ विषय पर संगोष्ठी, स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं औषधि वितरण के साथ बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिक निगम धमतरी के महापौर  रामू रोहरा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की समृद्ध चिकित्सा परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद स्वस्थ दिनचर्या, संतुलित आहार और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आयुष विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य मेले को जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली उपयोगी पहल बताया।

परंपरा से प्रगति की ओर’ प्रदर्शनी ने बताई आयुर्वेद की उपयोगिता

स्वास्थ्य मेले में ‘परंपरा से प्रगति की ओर’ विषय पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक समय में उनकी उपयोगिता को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और प्राकृतिक स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने लोगों को बदलती जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों, तनाव, अनियमित खान-पान तथा हृदय संबंधी रोगों से बचाव के लिए दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक आदतों को शामिल करने की सलाह दी। लोगों को बीमारी के उपचार के साथ-साथ रोगों से बचाव और स्वास्थ्य संवर्धन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श की जानकारी

मेले में ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि ऑनलाइन पंजीयन के माध्यम से लोग घर बैठे शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा समय और दूरी की बाधा को कम करने में सहायता मिलेगी।

783 बच्चों को कराया गया स्वर्ण प्राशन

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित स्वर्ण प्राशन संस्कार रहा। शिविर में कुल 783 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की निःशुल्क बूस्टर डोज दी गई। इस दौरान आयुष चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता से संबंधित आवश्यक जानकारी अभिभावकों को दी गई।

स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।

निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से नागरिक हुए लाभान्वित

आयुष स्वास्थ्य मेले में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं। नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य संरक्षण एवं रोगों की रोकथाम के संबंध में भी लोगों को जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत की स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति मोनिका देवांगन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. मनीष पटेल ने आयुर्वेद की उपयोगिता एवं स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला आयुष अधिकारी डॉ. कृपाराम साहू ने की। मंच संचालन डॉ. अवध पचौरी एवं डॉ. रविंद्र वर्मा ने किया।इस अवसर पर आयुष विभाग के चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्यकर्मी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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